यूपीसीडा की मनमानी के खिलाफ चैम्बर ने उठाई आवाज़

1. चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल को माननीय मुख्यमंत्री जी से शीघ्र भेंट कराने का दिया आश्वासन – माननीय डा0 धर्मपाल सिंह।
2. आगरा के औद्योगिक क्षेत्रों के रख-रखाब शुल्क की अधिकता को मुद्दे को चैम्बर ने उठाया जोरदारी से।
3. यूपीसीडा द्वारा मांगा जा रहा सर्टिफिकेट ऑफ प्रोडेक्शन है व्यापारियों का उत्पीड़़न।
4. यूपीसीडा द्वारा मांगे जा रहे सर्टिफिकेट ऑफ प्रोडेक्शन को शीघ्र निरस्त कराने की चैम्बर ने की मांग।

आज चैम्बर सभागार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में एत्मादपुर विधायक डा0 धर्मपाल सिंह जी के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल एवं पूर्व अध्यक्ष अमर मित्तल द्वारा अवगत कराया गया कि यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्र के रख-रखाब के लिये मेन्टेनेंस चार्ज के रूप में जो मांगा गया है वह नगर निगम के शुल्क से भी बहुत अधिक है। यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों के रख-रखाब के लिये 35/-रू0 मी0 की दर से मेन्टेनेंस चार्ज मांगा जा रहा है जिसके कारण 1000 वर्गमी0 की भूमि पर 35000/- रू0 प्रतिवर्ष मेन्टेनेन्स चार्ज होता है जबकि वर्तमान में औद्योगिक इकाई से नगर निगम द्वारा अभी तक 18000/-रू0 से 25000/- लगभग मेन्टेनेन्स चार्ज लिया जा रहा था। चूँकि नगर निगम के कर की दर रिक्त भूमि एवं कवर्ड ऐरिया के अनुसार अलग-अलग दर के आधार पर लगती है। इन दरों मंे क्षेत्र एंव सड़क की चौड़ाई का भी आधार होता है। इसलिये इनके कर की दर को सीधे यूपीसीडा के मेन्टेनेन्स चार्ज से तुलनात्मक अंतर नहीं बताया जा सकता, लेकिन सभी उद्यमियों के पास जो बिल जानकारी में आ रहे हैं, उन पर नगर निगम के मुकाबले 30 प्रतिषत से 40 प्रतिशत तक अधिक है। महोदय, उद्यमियों पर मेन्टेनेंस शुल्क का बोझ अत्यन्त बढ़ गया है, उसके अनुसार वाली सुविधाएं भी नगर निगम से मिल रही रही सुविधाओं से काफी निम्न स्तर की हैं। इसी के साथ-साथ जल निगम द्वारा उद्यमियों को जलकर के बिल भेजे जा रहे हैं जिससे उद्यमियों को यूपीसीडा के रख-रखाब षुल्क एवं जलनिगम के जलकर का शुल्क अर्थात दोहरा शुल्क अदा करना पड़ रहा है। चैम्बर द्वारा माननीय विधायक जी के संज्ञान में लाया गया कि यूपीसीडा द्वारा उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में आगरा की अपेक्षा मैन्टेनेंस शुल्क में काफी रियायत प्रदान की गयी है। अतः चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि उक्त मेन्टेनेन्स शुल्क को शीघ्रताषीघ्र कम करने के आदेश शासन स्तर से करवायें जाये।

पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार गोयल द्वारा अवगत कराया गया कि यूपीसीडा द्वारा वर्षों पूर्व स्थापित औद्योगिक इकाइयों में सर्टिफिकेट ऑफ प्रोडेक्शन यूपीसीडा से लेने के लिये बाध्य किया जा रहा है। जैसा कि सर्वविदित है कि यूपीसीडा द्वारा आवंटित प्लॉटों पर अधिकतर इकाइयाँ वर्षों पूर्व से उत्पादन कर रही हैं। वह नियमित रूप से जीएसटी, इनकम टैक्स व अन्य विभिन्न लेवर कानूनों का अनुपालन भी कर रही है। उक्त इकाइयों मंे काफी श्रमिक नियमित रूप से नियोजित होकर उत्पादन कार्य कर रहे हैं। अतः उक्त सभी इकाइयों को सटिर्फिकेट ऑफ प्रोडेक्शन यूपीसीडा से प्राप्त करने के लिये दबाव बनाना काफी अनुचित व इकाइयों का उत्पीड़न किया जाना है।  माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये सदैव प्रोत्साहित कर रहे हैं जबकि यूपीसीडा माननीय मुख्यमंत्री जी की भावनाओं के विरूद्ध आगरा की औद्योगिक इकाइयों को जो कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के कारण पहले से ही संर्घष कर रही है, अनुचित व अव्यवहारिक आदेशों से प्रताडित कर रहे है। चैम्बर द्वारा  उक्त प्रकरण में उचित संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्यवाही करवाने की मांग की गयी।

माननीय विधायक डा0 धर्मपाल सिंह जी ने चैम्बर द्वारा उठायी गयी सभी समस्याओं को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना तथा उक्त समस्याओं के निस्तारण हेतु चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल को माननीय मुख्यमंत्री जी से शीघ्र भेंट कराने का आश्वासन दिया।

बैठक में धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल द्वारा किया गया।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष द्वय नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, पूर्व अध्यक्ष के0के0 पालीवाल, शांतिस्वरूप गोयल, सीताराम अग्रवाल, प्रदीप कुमार वार्ष्णेय, अमर मित्तल, मनीष अग्रवाल, अतुल कुमार गुप्ता, अशोक कुमार गोयल, राजीव कुमार अग्रवाल, संजय गोयल सदस्य सुनील सिंघल, मयंक कुमार अग्रवाल, प्रदीप गोयल, अंकित दौनेरिया, अमित बंसल, संजय कुमार गोयल, राकेश सिंघल, राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, देवेन्द्र गोयल, सुनील गर्ग, नरेन्द्र तनेजा, संजय अरोरा, राजेश वर्मा, सतीश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

Share This Post

All News

Group :

Company Name :

Industry :