1. न्यू जनरेशन में मोबाइल की लत है ड्रग की तरह।
2. स्पेलिंग में जरा सी चूक कर सकता है आपका बैक बैलेंस खाली।
3. पासपोर्ट की सही बेबसाइट है पासपोर्ट इंडिया डॉट ग्रोवेन्ट डाट इन।
4. किसी भी तरह का साइबर क्राइम होने पर तुरन्त सूचना दें 1930 पर।
5. एपीके फाइल, बिनफाइल को न करे ओपन।
6. फोन में डाउनलोड करे संचार साथी एप।
7. समय-समय पर जीमेल का पासवर्ड में करे बदलाव।
8. भूलवश एपीके फाइल पर क्ल्कि होने पर तुरन्त निकाले सिम।
9. 13 साल से पहले न दें बच्चों को न दें मोबइल।
10. आधार कार्ड व पैनकार्ड को न रखे इमेज फाइल में।
11. कवच एम-2 को डाउनलोड करने की दी सलाह।
आज चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में साइबर सिक्यूरिटी पर साइबर एक्सपर्ट एवं उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय के सलाहकार श्री रक्षित टंडन जी के साथ बैठक होटल पीएल पैलेस में आयोजित की गयी। बैठक का संचालन आईटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन सचिन सारस्वत द्वारा किया गया। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि वर्तमान युग में हैकर्स द्वारा जनमानस के साथ बहुत ही धोखाधडी के मामले आ रहे हैं जिसके कारण उद्यमियों एवं व्यापारियों में भय व्याप्त है। साइबर से बचने के लिये व जागरूक होने के लिये आज इस सेमीनार का आयोजन किया गया है।
साइबर एक्सपर्ट श्री रक्षित टंडन जी ने बताया कि उनके द्वारा 75 थानों को देखा जा रहा है। वह अभी तक 90 लाख बव्चों को मार्गदर्शन व जागरूक कर चुके हैं। वर्तमान में मोबाइल में बच्चोें के बहुत अधिक मोबाइल पर रील देखी जा रही है जिसके कारण उनमें अक्रोशता व गलत मार्ग पर जाने की भावना प्रवृत्त होती है। आज की जनरेशन में मोबइल ड्रग का काम कर रहा है। आपके द्वारा सरकारी बेबसाइट या व्यापारिक भुगतान में जरा सी स्पेलिंग मिस्टेक होेने पर आपके साथ साइबर क्राइम व आपके द्वारा किये जाने वाला भुगतान गलत खाते में जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बैक की बेबसाइट बैंक का नाम डॉट बैक डॉट इन सही होता है। किसी भी तरह की साइबर क्राइम होेने पर तुरन्त 1930 पर कॉल करें और बैंक में एकाउंट को फ्रीज करा दें।
डा0 टंडन ने बताया कि फोन पर मिलने वाली एपीके फाइल, गैस की सूचना का एसएमएस, वाहन चालन का एसएमएस पर कभी क्लिक न करें क्योकि यह सब वायरस के माध्यम से आपके एकाउंट को हैकर्स द्वारा हैक करने का तरीका होता है। एपीके फाइल व बिन फाइल पर भूलवश क्लिक होने पर तुरन्त फोन की सिम निकाल कर रख दें इससे काफी हद तक हैकर्स से बचा जा सकता है। हम सभी को संचार साथी एप डाउनलोड करना चाहिये। जिससे हम साइबर क्राइम से बचे रहें। सभी को समय-समय पर अपने जीमेल के पासवर्ड को चेेन्ज करते रहना चाहिये। उन्होनेे बताया कि 13 वर्ष तक बच्चों को मोबाइल का यूज करने से बचना चाहिये। उन्होने कहा कि अपने अपने पैसे को अधिक करने के लालच से बचना चाहियै। सोशल मीडिया का उपयोग बहुत ही सर्तकता से करना चाहिये। सेमीनार में व्हाइटसप को सेव करने का बहुत ही सुरक्षीत तरीका बताया। साइबर से बचने के लिये उन्होंने कवच एम-2 को फोन में डाउनलोड करने के लिये कहा।
धन्यवाद ज्ञापन पूर्व अध्यक्ष के0के0 पालीवाल द्वारा किया गया।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, आईटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन, सचिन सारस्वत, उपाध्यक्ष द्वय नीतेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष के0के0 पालीवाल, राजकुमार अग्रवाल, श्रीकिशन गोयल, शलभ शर्मा, सदस्य, सुरेश चंद बंसल, राजेन्द गर्ग, रंजीत सामा, गोमित जैन, चन्द्रवीर सिंह, संचित सिंघल, अखिलेश दूबे, विजय मंगवानी, विजय कुमार गुप्ता, मुकेश शर्मा, मयंक मित्तल, रूचि अग्रवाल, मनस्वी, प्रकृति, सतीश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, कृतिका, अजुर्न गुप्ता आदि उपस्थित थे।


















