1. खाद्य सुरक्षा मानकों व गुणवत्ता के संबंध में चैम्बर ने फूड विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक।
2. एनालॉग डेली प्रोडेक्ट का विक्रय पूणतः है प्रतिबंधित – सहायक आयुक्त खाद्य-2
3. एफएसएसएआई के बेबसाइट पर वर्णित शिड्यूल 4 में दिये गये नियमों व मानकों का किया जाये अनुपालन।
4. खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त होने वाले मेटेरियल की गुणवत्ता व शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिये – रविन्द्र सिंह परमार
5. खाद्य पदार्थों में लगने वाले कलर की दी गयी पूर्ण जानकारी – श्वेता चक्रवर्ती।
6. खाद्य विभाग द्वारा पर्सनल हाईजिन व खाद्य विभाग द्वारा जारी चेक लिस्ट पर दिया जोर।
आज चैम्बर सभागार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में सहायक आयुक्त खाद्य-2 श्री महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव जी के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक का संचालन प्रकोष्ठ चेयरमैन विकास चतुर्वेदी एवं कार्यक्रम समन्वयक राजकुमार भगत द्वारा किया गया। बैठक में खाद्य विभाग से खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविन्द्र सिंह परमार, राकेश यादव, सुरेन्द्र चौरसिया, सुश्री श्वेता चक्रवर्ती उपस्थित थे।
बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य-2 श्री महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि एफएसएसएआई द्वारा वर्तमान में एनालॉग डेली प्रोडेक्ट का विक्रय पूणतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। किसी भी विक्रेता द्वारा एनालॉग डेली प्रोडेक्ट की बिक्री करने पर उसके विरूद्ध एफआईआर कराये जाने का प्राविधान है। सभी खाद्य पदार्थ के विक्रेताओं को एफएसएसएआई के बेबसाइट पर वर्णित शिड्यूल 4 में दिये गये नियमों व मानकों का अनुपालन किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि मिठाई में लगने वाले मैटेरियल की शुद्धता व गुणवता का पूर्णतः ध्यान रखा जाना चाहिये क्योकि खाद्य पदार्थों में होेेने वाली लापरवाही किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिये बेहद हानिकारक हो सकती है। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य-2 एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा खाद्य पदार्थों में कितना कलर मिलाया जाना चाहिये के बारे में सदस्यों का ज्ञानवर्धन किया गया। उन्होंने कहा कि दुकानों पर चीजों को ढककर रखा जाना चाहिये वह समय-समय पर प्रैस कंट्रोल किया जाना चाहिये। विक्रेताओं को खाद्य विभाग द्वारा जारी चेकलिस्ट व पर्सनल हाईजिन का ध्यान रखना चाहिये। खाद्य पदार्थ का निर्माण खुले व गंदगी जैसे स्थान पर नहीं किया जाना चाहिये इसके लिये विक्रेता द्वारा प्रोपर किचिन की व्यव्स्था की जानी चाहिये। परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिये तथा कार्यरत कर्मचारियों का समय-समय पर मेडिकल चेकअप का प्रमाण पत्र होना चाहिये।
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा कहा गया कि सभी फूड विक्रेताओं का दायित्व है कि वह खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व उसके मानकों के बारे में पूरा ध्यान रखा जाना चाहिये परिसर में साफ – सफाई व फूड प्रोसेसिंग में लगने वाले कच्चे माल की शुद्धता व मानकों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिये। एफएसएसएआई द्वारा जारी नियमों का अनुपालन किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा फूड विक्रेताओं की सूक्ष्म त्रुटियों पर उसे प्रथमतः समझाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि चैम्बर द्वारा ओडीओसी में आगरा की सुप्रसिद्ध बेडई को शामिल करने के लिये चैम्बर द्वारा प्रस्ताव उद्योग निदेशक कानपुर को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
सहायक आयुक्त खाद्य-2 श्री महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा चैम्बर की सभी सदस्यों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया व उनकी जिज्ञासाओं को उत्तर दिया गया।
बैठक में धन्यवाद ज्ञापन पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल द्वारा किया गया।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग, खाद्य प्रसंस्करण प्रकोष्ठ के चेयरमैन विकास चर्तुेवदी, कार्यक्रम समन्वयक राजकुमार भगत, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, सदस्य, प्रशांत जैन, शैलेष अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अमित गोयल, जय अग्रवाल, अभिषेक जैन, गोपाल अग्रवाल, आनंद भगत, रजत पुनीत, प्रदीप कुमार भगत, उमाकांत गुप्ता, एस.पी. शर्मा, वैभव गर्ग, सिद्धांत भगत, विकास गोयल, अतुल अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, राजेश कुमार अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, शिवम भगत, अनूप वार्ष्णेय, अंशु अग्रवाल, तुषार गुप्ता, दिवाकर गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता, शरद यादव आदि उपस्थित थे।
















