नोटबुक पर GST मुक्त, पर कागज पर 18% कर—चैम्बर ने जताई व्यावहारिक समस्या

1. जीएसटी 2 के सम्बन्ध में सीजीएसटी आयुक्त  व अन्य अधिकारियों से चैम्बर प्रतिनिधिमंडल की हुई विस्तृत चर्चा
2. कॉपी में प्रयुक्त होने वाले कागज पर लगने वाले 18 प्रतिशत कर को कम करने की चैम्बर ने की मांग।
3. इंजन पर 5 प्रतिशत जीएसटी करने के निर्णय का चैम्बर ने किया स्वागत।
4. चैम्बर द्वारा प्रेषित समस्याओं को उच्च स्तर तक भेजने का दिया आश्वासन।
5. स्क्रैप को 5 प्रतिशत कर की श्रेणी में किया जाने की कि चैम्बर ने मांग।
6. बजट होटल को 2500/-रू0 तक मुक्त करने की चैम्बर ने की मांग।
7. चैम्बर के सदस्यों को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना आयुक्त महोदय ने।

सीजीएसटी आयुक्त के निमंत्रण पर जीएसटी-2 पर चर्चा हेतु चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल द्वारा आयुक्त महोदय को अवगत कराया गया कि सरकार की मंशा के अनुसार सर्वशिक्षा अभियान के तहत शिक्षा को सस्ता करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर नोट बुक को सरकार द्वारा करमुक्त कर दिया गया है परन्तु उसमें प्रायुक्त होने वाले कागज को 18 प्रतिशत कर की श्रेणी में रखा गया है जो कि न्यायासंगत नहीं है जिसके कारण इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाता है। आयुक्त महोदय द्वारा आश्वासन दिया गया कि चैम्बर द्वारा कॉपी में लगाने वाल कागज पर 18 प्रतिशत कर को कम करने की मांग को  उच्चस्तर पर कार्यवाही हेतु अग्रेसित किये जाने का आश्वासन दिया गया।

होटल एंड रेस्टोरंेट के बारे में चैम्बर द्वारा कहा गया कि जीएसटी 2 में बजट होटल 1000 कर मुक्त की श्रेणी में रखा गया है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा मांग की गयी कि बजट होटल की सीमा 2500/- तक करमुुक्त किया जाये,

प्रतिनिधिमंडल द्वार स्क्रैप को 18 प्रतिशत कर श्रेणी से घटाकर उसे 5 प्रतिशत कर की श्रेणी में लाने का अनुरोध किया गया जिससे स्क्रैप सम्बन्धी होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके।

प्रतिनिधिमंडल द्वारा इंजन पर करदेयता 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत किये जाने पर धन्यवाद दिया गया। किन्तु सेन्ट्रीफ्यूगल डीजल वाटर पम्पसैट एवं इंजन स्पेयर पार्ट्स पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत ही रखी गयी है जबकि दोनों ही एक दूसरे के पूरक है। चैम्बर द्वारा सेन्ट्रीफ्यूगल डीजल वाटर पम्पसैट पर जीएसटी को 5 प्रतिशत करने के लिये अनुरोध किया गया।

सीजीएसटी आयुक्त महोदय द्वारा चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना गया तथा प्रेषित समस्याएं/सुझावों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही व शासन को कार्यवाही के लिये भेजने का आश्वासन दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष एवं जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल, सदस्य अशुल अग्रवाल, होटल एंड रेस्टोरेन्ट से रमेश वाधवा, अवनीश शिरोमणि, सिदार्थ अरोरा, विनय अम्बा उपस्थित थे।