चैम्बर के कार्यवाहक अध्यक्ष मुरारी लाल गोयल एवं जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल तथा जीएसटी तकनीकी जागरूकता प्रकोष्ठ के चेयरमैन आलोक फरसैया की संयुक्त अध्यक्षता में चैम्बर एवं आगरा के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधयों का प्रतिनिधि मण्डल आयुक्त सीजीएसटी से उनके कार्यालय पर मिला। ज्ञातव्य है कि सीजीएसटी आयुक्त महोदय श्री राम चन्द्र सांखला जी द्वारा 1/4-6-2018 को एक पब्लिक नोटिस जारी किया था जिसमें अतिरिक्त/संयुक्त/उपायुक्त/सहायक आयुक्तों को अधीनस्थ अधिकारियों को व्यापारिक स्थलों पर निरीक्षण हेतु अधिकृत किया गया था। जिसमें निरीक्षण किये जाने के बाद भी अनुमति लेने का प्रावधान था। इससे व्यापारियों को उत्पीड़न की शंका उत्पन्न हो रही थी। इसी के फलस्वरूप आज उपरोक्त प्रतिनिधिमण्डल सीजीएसटी आयुक्त महोदय से उनके कार्यालय में मिला जिसमें एक ज्ञापन उन्हें सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त महोदय से पक्ष रखते हुए कहा कि निरीक्षण की अनुमति देने के लिए केवल संयुक्त आयुक्त या उच्चस्तर के अधिकारी को ही अधिकृत किया जाना चाहिए तथा व्यापरिक स्थलों पर निरीक्षण के लिए अधिकारियों को संयुक्त आयुक्त या उच्च स्तर के आयुक्त से पूर्व की अनुमति लेकर ही जाना चाहिए। बाद में अनुमति लेने का प्रावधान नहीं हो चाहिए। अन्यथा व्यापारियों का उत्पीड़न होने की सम्भावना है।
आयुक्त महोदय ने व्यापारियों की परेशानी को बड़े ही गौर से सुना और समझा तथा बड़े ही सौहार्द्धपूर्ण वातावरण में वार्ता हुई तथा आयुक्त महोदय ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों के उत्पीड़न की उनके विभाग की कोई मंशा नहीं है। जनसूचना में संशोधन करते हुए आश्वासन दिया कि व्यापारियों का कोई उत्पीड़न नहीं होगा। अनावश्यक रूप से कोई भी निरीक्षण नहीं किया जाएगा। केवल ऐसे व्यापारियों जो रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। उन्हीं पर कार्यवाही केन्द्रित होगी। कोई अधिकारी संयुक्त आयुक्त या उच्च स्तर के अधिकारी से ही पूर्व अनुमति लेकर ही व्यापारिक स्थल पर निरीक्षण के लिए जायेगा।
- उत्पीड़न की कोई मंशा नहीं,
